पेट्रोल, डीज़ल एवं गैस संकट पर ARTIA का मंथन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की मांग

जयपुर, 19 मई 2026
अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) द्वारा पेट्रोल, डीज़ल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, ऊर्जा लागत में वृद्धि तथा इसके व्यापार, उद्योग एवं आमजन पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर आयोजित मंथन में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सराफ, प्रेम बियानी, श्रवण पारीक, संजय शर्मा, पंकज गोयल (दीप ज्योति), हरि शर्मा, हनीफ टांक, प्रकाश छाबड़ा, के. एस. राठौड़, सूर्य प्रकाश शर्मा, संजीव बंसल, नीरज खदरिया, सीए महेंद्र दानी आदि उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन ने केंद्र सरकार को विस्तृत सुझाव प्रेषित करते हुए कहा कि बढ़ती ईंधन लागत अब केवल आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि व्यापार, परिवहन, कृषि, लघु उद्योग एवं आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय बन चुकी है।
ARTIA ने देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बायोचार, कोयला गैसीकरण एवं अपशिष्ट-से-मीथेन (Waste-to-Methane) जैसी वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं को मिशन मोड पर शीघ्र लागू करने की मांग की। संगठन का मानना है कि फसल अवशेष, जैविक कचरे एवं उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर पेट्रोलियम उत्पादों एवं गैस पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।
संगठन ने केंद्र सरकार से पेट्रोल एवं डीज़ल पर कर संरचना की समीक्षा कर आमजन, परिवहन क्षेत्र एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों को राहत देने, साथ ही सौर ऊर्जा, बायोगैस, जैव ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। ARTIA ने यह भी कहा कि कोयला गैसीकरण परियोजनाओं, ग्रामीण बायोचार इकाइयों एवं शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में लघु अपशिष्ट-से-मीथेन संयंत्रों को त्वरित मंजूरी, पूंजीगत सहायता एवं तकनीकी समर्थन उपलब्ध कराया जाए।
ARTIA ने व्यापारियों, उद्योग जगत एवं आमजन से भी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन संरक्षण एवं ऊर्जा बचत को जन-अभियान बनाने का आह्वान किया। संगठन ने नागरिकों से आवश्यकता अनुसार वाहनों के उपयोग, कार पूलिंग को अपनाने, अनावश्यक यात्रा से बचने, ऊर्जा के मितव्ययी उपयोग तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपभोग की अपील की। संगठन का मानना है कि सामूहिक सहयोग, संयम एवं जागरूकता से ईंधन खपत को कम कर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
संगठन ने वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन एवं गैस उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार समय-समय पर देशवासियों को आपूर्ति व्यवस्था एवं तैयारियों की जानकारी देकर विश्वास का वातावरण मजबूत करे, जिससे किसी प्रकार की अफवाह या पैनिक की स्थिति से बचा जा सके।
ARTIA पदाधिकारियों ने कहा कि यह समय भारत के लिए ऊर्जा नीति में बड़े बदलाव का अवसर है तथा सरकार, उद्योग जगत एवं नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से भारत ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर एवं मजबूत राष्ट्र बन सकता है।

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