स्टार्टअप, आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करेगी : ARTIA

जयपुर। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आरतिया ने राजस्थान में स्टार्टअप्स, आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित व सहयोग करने की एक योजना पर कार्य प्रारंभ किया है, ताकि स्टार्टअप थिंकिंग टैलेंट, आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूह से जुड़े कामगार अपने हुनर में निखार लाकर आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर सकें।
इस संबंध में टीम आरतिया कोर समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, जगदीश पोद्दार, जसवंत मील, प्रेम बियाणी, ज्ञान प्रकाश, अजय गुप्ता, रवि गोयल, ओ.पी. राजपुरोहित, राजीव सिंघल, दिनेश गुप्ता, तरुण सारड़ा, रमेश मित्तल, आयुष जैन, सज्जन सिंह व कैलाश शर्मा उपस्थित थे।
बैठक में यह सुझाव सामने आया कि राजस्थान में अब भी अनेक क्षेत्रों के आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर से प्रोत्साहित कर वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा सकता है। इसी प्रकार युवा पीढ़ी के स्टार्टअप्स, जिनके पास नवाचार (इनोवेटिव) सोच है, उन्हें उद्यमशीलता की ओर उन्मुख करने की आवश्यकता है।
बैठक में टीम आरतिया ने यह तय किया कि कार्य दो स्तरों पर किया जाएगा। पहला, ऐसे युवा स्टार्टअप्स जिनके पास कोई नया विचार (आइडिया) है, उनसे आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद आरतिया द्वारा गठित टीम उस विचार का अध्ययन और समीक्षा करेगी। यदि विचार व्यवहारिक (वायबिल) पाया जाता है, तो उसे निवेशकों और मेंटर्स के पास रेफर किया जाएगा।
स्टार्टअप्स तथा आर्टिज़न्स को फंडिंग उपलब्ध कराने के लिए आरतिया द्वारा निवेशकों और मेंटर्स की सूची भी तैयार की जा रही है। रेफरल के बाद आरतिया समयबद्ध तरीके से फॉलो-अप भी रखेगी, ताकि संबंधित स्टार्टअप अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ सके। किसी प्रकार की समस्या आने पर आरतिया सहयोग के लिए तत्पर रहेगी।
जहां तक आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में उद्यमशीलता की बात है, राजस्थान में हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा है। हालांकि बड़े पैमाने पर निर्यात भी हो रहा है, फिर भी बड़ी संख्या में हस्तशिल्पी व आर्टिज़न्स ऐसे हैं जो स्थानीय स्तर तक सीमित हैं या केवल चुनिंदा मेलों व प्रदर्शनियों तक ही सीमित रह जाते हैं।
ऐसे प्रतिभाशाली आर्टिज़न्स, जिनके पास राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर तक पहुंचने की क्षमता है, उन्हें सहयोग देने के लिए आरतिया प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य से एक टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है, जो प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर आवश्यकतानुसार सहयोग उपलब्ध कराएगी।
इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूह वैश्विक स्तर की गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर सकें। साथ ही उनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा।
आरतिया एक सपोर्ट डेस्क भी स्थापित कर रही है, जिसमें स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही इन योजनाओं का लाभ कैसे लिया जाए, इसकी प्रक्रिया भी समझाई जाएगी, ताकि आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरे जाएं और वापस न लौटें।
आरतिया का मानना है कि एमएसएमई क्षेत्र की आधारशिला स्टार्टअप्स हैं, जो कम लागत में स्थापित होकर रोजगार सृजन करते हैं। इसी प्रकार आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूह अपने कौशल और हुनर के माध्यम से सदियों पुरानी कला व संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।
आरतिया का स्थानीय स्तर पर व्यापक नेटवर्क है, साथ ही विश्व के 40 से अधिक देशों में संपर्क भी है, जिसका लाभ स्टार्टअप्स, आर्टिज़न्स व स्वयं सहायता समूहों को बड़े पैमाने पर मिल सकेगा।

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