क्रूड ऑयल की महंगाई से बचाव जरूरी : ARTIA

जयपुर। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आरतिया की हाई लेवल कमेटी ने क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए सरकार से आग्रह किया है कि इस स्थिति से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर सभी के लिए अनुकूल फैसला लिया जाये। इस स्थिति में महत्वपूर्ण है डीजल पेट्रोल पर टैक्स स्ट्रक्चर में रिफार्म, वह अगर होता है तो देश को राहत मिलेगी तथा अर्थ व्यवस्था भी संतुलित बनी रहेगी। इस स्थिति पर मंथन के लिए आरतिया हाई लेवल कमेटी बैठक में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, प्रेम बियाणी, जसवंत मील, ओ पी राजपुरोहित, कैलाश शर्मा, राजीव सिंघल, आयुष जैन, सज्जन सिंह, एच एम जौहरी, अजय गुप्ता, ज्ञान प्रकाश और रमेश मित्तल शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में ईरान व इजरायल के बीच चल‌ रहे संघर्ष के कारण बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। दिसंबर के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 62 डालर प्रति बैरल के करीब थी, जो यह खबर लिखे जाने के समय औसतन 99 डालर प्रति बैरल के पार हो गई है। इस तरह तेल कंपनियों के लिए क्रूड ऑयल की आयात लागत स्वाभाविक रूप से बढ़ रही है। युद्ध लंबा खिंच गया तो यह लागत और भी बढ़ सकती है।

भारत में कच्चे तेल की जो कुल आवश्यकता है, उसका करीब 90 फीसदी आयात ही होता है। चालू वित्त वर्ष के पहले दस माह के दौरान देश में 20.62 करोड़ टन कच्चे तेल का आयात किया गया था, जबकि आलोच्य दस माह में घरेलू उत्पादन 2.18 करोड़ टन रहा। दिसंबर, 2025 में चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का औसत मूल्य 62 डालर प्रति बैरल था, तो आयात भी सबसे अधिक 2.15 करोड़ टन दर्ज किया गया। जुलाई, 2025 में आयात 1.88 करोड़ टन था।

देश की अर्थव्यवस्था के लिए डीजल पेट्रोल महत्वपूर्ण है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच मोटर स्पिरिट की खपत 3.88 करोड़ टन दर्ज की गई थी और डीजल की खपत इस दस माह में 8.59 करोड़ टन रही। उल्लेखनीय है कि सामान्य पेट्रोल पर केंद्रीय सरकार विभिन्न करों व शुल्क के जरिए 21.90 रूपए प्रति लीटर न्यूनतम टैक्स लेती है और डीजल पर 17.80 रूपए प्रति लीटर का टैक्स न्यूनतम है। इसके बाद राज्य सरकारें वैट व अन्य शुल्क लेती है जो अलग-अलग राज्यों के हिसाब से अलग-अलग है। टैक्स की सबसे प्रभावी दर केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में है तो सबसे कम लक्षद्वीप में। राजस्थान में पेट्रोल पर 29.04 प्रतिशत वैट तथा 1500 रूपए प्रति किलो लीटर रोड़ डेवलपमेंट टैक्स है तथा डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट तथा 1750 रूपए प्रति किलो लीटर रोड़ टैक्स है।

आरतिया का सरकार से आग्रह है कि क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों से डीजल पेट्रोल उपभोक्ता को राहत दिलाने के लिए टैक्स रिफॉर्म पर जरूर विचार करे।

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