व्यापार, उद्योग एवं समग्र आर्थिक विकास को गति देने वाला बजट – ARTIA
अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत राजस्थान बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे व्यापार, उद्योग एवं समग्र आर्थिक विकास को गति देने वाला बजट बताया है।
चेयरमैन कमल कंदोई ने कहा कि बजट में प्रदेश की व्यापारिक संरचना को सुदृढ़ करने, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने, आधारभूत ढांचे के विकास तथा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। विशेष रूप से व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल व्यवस्था को सशक्त करने तथा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के प्रावधानों से प्रदेश के व्यापारिक वातावरण को नई मजबूती मिलेगी।
अध्यक्ष विष्णु भूत ने कहा कि बजट में बाजारों के आधुनिकीकरण, परिवहन एवं लाॅजिस्टिक्स व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विस्तार पर दिया गया जोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे व्यापारियों, उद्यमियों और आम नागरिकों सभी को लाभ मिलेगा।
मुख्य संरक्षक आशीष सराफ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापार एवं उद्योग जगत के सुझावों को महत्व देना सराहनीय है और इससे सरकार व व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग की भावना और मजबूत होगी।
कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम बियानी ने विकासोन्मुखी एवं दूरदर्शी बजट के लिए सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया व आशा व्यक्त की कि बजट घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे प्रदेश का व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र नई प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
संरक्षक जसवंत मील ने कहा कि बजट में आधारभूत ढांचे के विकास, औद्योगिक प्रोत्साहन, निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन तथा व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में उठाए गए कदम सराहनीय हैं। विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्योगों (msme), स्टार्टअप्स एवं डिजिटल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के प्रावधान प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा ने सुझाव दिया कि बजट घोषणाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। व्यापारियों की प्रमुख मांगों जैसे कर प्रक्रियाओं के और अधिक सरलीकरण, निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की सहजता तथा छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय पहुंच को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही निराशा भी व्यक्त की कि भारत की रीढ़ की हड्डी असंगठित व्यावसायिक क्षेत्र, जो विपरीत रूप से प्रभावित है, को बचाने हेतु ठोस कदम उठाए जाने अपेक्षित थे, जिन पर विचार किया जाना आवश्यक है।
उपाध्यक्ष राजीव सिंघल ने कहा कि बाजारों के आधुनिकीकरण, लाॅजिस्टिक्स सुधार और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ पारंपरिक व्यापारिक मंडियों एवं खुदरा क्षेत्र को भी समान रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश का संतुलित आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।
उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य सरकार द्वारा व्यापारिक संगठनों के साथ नियमित संवाद कायम रखते हुए बजट प्रावधानों के क्रियान्वयन में व्यापारी समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
आरतिया ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और व्यापार जगत के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
