टीम ARTIA ने किया सेमीकंडक्टर मिशन का स्वागत
जयपुर। केंद्रीय बजट पर अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने सेमीकंडक्टर मिशन का स्वागत करते हुए कहा है कि हाल ही राजस्थान सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति घोषित की है, अब यह मिशन आने से राजस्थान देश में सेमीकंडक्टर हब बन सकता है, क्योंकि इसे बनाने के काम आने वाला कच्चा माल यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। टीम आरतिया की ओर से विष्णु भूत, कमल कंदोई, जसवंत मील, आशीष सर्राफ, प्रेम बियाणी, कैलाश शर्मा, अजय गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, ओ पी राजपुरोहित, दिनेश गुप्ता, राजीव सिंघल, सज्जन सिंह, तरूण सारडा और आयुष जैन ने कहा कि यह मौका है जबकि उक्त मिशन का लाभ उठाया जाना चाहिए।
आरतिया ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना का भी स्वागत किया है कहा है कि राजस्थान में इसके लिए भरपूर पोटेंशियल है। भीलवाड़ा, पाली, बालोतरा आदि क्षेत्र वस्त्र निर्माण में अग्रणी हैं, राजस्थान सरकार इस पर पहल करे तो राज्य के सर्वांगीण औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है। इसी तरह वस्त्र क्षेत्र के लिए आधुनिक क्लस्टर निर्माण योजना, खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी स्वराज पहल भी महत्वपूर्ण कदम है।
आरतिया ने यह भी कहा है कि औद्योगिक लाजिस्टिक कारीडोर के नजदीक विश्वविद्यालय टाउनशिप योजना एक उल्लेखनीय पहल है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कारीडोर का बड़ा हिस्सा राजस्थान से गुजर रहा है और इस रूट पर ऐसी टाउनशिप विकसित हो तो राजस्थान देश में बड़ा नालेज डेस्टीनेशन बन सकता है। इसी तरह कार्पोरेट काडर विकसित करने के लिए व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों को सुविधा देने की जो बात कही गई है, वह राजस्थान के संदर्भ में बहुत हितकारी है। उल्लेखनीय है कि देश में सबसे अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट राजस्थान से हैं और ऐसा कोई केंद्र राजस्थान में आता है तो कार्पोरेट जगत के लिए राजस्थान काडर आपूर्ति का बड़ा डेस्टीनेशन बन सकता है। इसी तरह शिक्षा से रोजगार व उद्यम के लिए स्थाई समिति की बात बजट में कही गई है, आरतिया का मानना है कि इस समिति में राजस्थान का भी प्रतिनिधित्व हो, क्योंकि मारवाड़ी समुदाय ने देश भर में उद्यमशीलता की मिसाल कायम की है।
आरतिया का कहना है कि हाई-स्पीड रेल कारीडोर की बात बजट में इंगित है, लेकिन राजस्थान का इसमें नाम नहीं है। राजस्थान के जयपुर से बेंगलुरु तक तक अगर हाई स्पीड रेल कारीडोर बनता है तो व्यवसाय, पर्यटन और सरकारी राजस्व तीनों के लिहाज से मुफीद हो सकता है। आरतिया ने विदेश व्यापार सुगमता संबंधित प्रावधानों का स्वागत किया है और कहा कि सिंगल व डिजिटल विंडो प्रणाली से निर्यातकों को सहूलियत होगी। इसी तरह क्लस्टर बनाओ चलाओ योजना के तहत केमिकल पार्क स्थापित करने को प्राथमिकता दी गई है, यह राजस्थान के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए कि राजस्थान में कृषि व खनिज उत्पादों की बहुलता है और रसायन निर्माण व प्रयोग के लिए प्रदेश बड़ा केंद्र बन सकता है। इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे निर्माण के लिए सहायता राशि बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है, यह राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक जोन की संभावना को प्रमोट करता है।
